मुना चौधरी
एक समयमे
सबसे निक दिन छेलै हमर
ऊ हमर छेलै
हम ओकर छेलियै
एकेटा बरफ दुनु कोइ खाइ छेलियै
हटियाके फोफी-कचरी
झिली-मुरही
एकेठमा बैठके खाइछेलियै
ऊ आपन सिरमामे
मुरी राइखके सपना देखै छेलै
हम आपन सिरमामे
मुरी राइखके सपना देखैछेलियै
सिरमा दुई छेलै लेकिन
सपना एक देखै छेलियै ।
ओकरा घा-चोट लागैछेलै त
हमरा दुखाइछ्याल
ओकरा एक दिन नै देखै छेलियै त
दुनिया कटकट अनहार लागै छ्याल
ओकरसे भेटै छेलियै तैदिन
दुनियाके सबसे खुसीके दिन लागैछ्याल
अइहनङ दिन
जीवनमे सब दिन लाबैले
हमरौके सङ्घर्ष करै छेलियै ।
ऊ हमर नजरमे राजकुमार
दुनियाके नजरमे ऊ हमर धौरबा
एक दिन लजौनीजेखा
हम लजेलियै
दुनियासे चोर्याके
प्रेमके उत्कर्षमे पुगलियै दुनु कोइ
हमरौके नजरमे हमर गर्भमे
ओकर बच्चा छेलै
लेकिन,
दुनियाके नजरमे
बिना बापके बच्चा छेलै ।
एक दिन संसारके नै कैहके
बिना वियाइहके
हमरा ऊ ल्यागेलै आपन घर
लोकसबके नजरमे हम
घरढुकी
उरहरी भेलियै
सोहो से नै पुगलै यी लोकसबके
अधहा राइतमे
ओकर अङनामे आइबके
हमर बेटीके घर ढुकाइलहि कैहके
पटैक देललै ओकर मुरीमे बरकाटा ढोङा
तेकरबाद उजैर गेलै हमर संसार
ओकर छतबिछत लहुवेलहान मुरी पकैरके
अपराधिसब दिसर अौङरी देखाइलियै
हमर गर्भके बच्चाके
यी संसार राइख देलकै नाम
अनेरवा ।