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सुरेस चौधरी

पुर्वी हो या पश्चिम् थारु एकता हो के देख,

थारु जातिके जायज माग इतिहासमे लेख ,

केना भ्या गेलै हमार थारु सव जाग जाग,

केना भ्या गेलै हमार थारु सव जाग जाग,

दुनियाँ संसार के रित देखुँ कोइ मत भाग,

हम चिये मोरङ के थारु युवा कहैचिये जाग,

कनि गहिर्याके बुझुं थारु सव एक होइके आज,

ज्या रहल छै थारुके ईतिहासमे अपन पहिचान,

आगा बढेबला भुमिपुत्र थारु भ्यागेल छै बदनाम,

कत चिये कि करैचिये थारु अगुवा नेताकार्यकर्ता

हमरो थारु के बचाउँ अगुवा थारु नेताकार्यकर्ता ,

कोइ त छै वीर पुरुष थारु के माग मुद्दा खोजै छै,

अपन आम थारुके लेल अपन जायजमाग लिखैछे,

कहाँ देखैचिये थारु के कबो हम सुत्र बानल एकता,

थारु चिये कबो नहि भेलछे इतिहासमे एकता,

जा हो जा थारु केना भेल हमर थारु के परिवेश ,ए

कताके लेल सुत्र बनाउं सव मिलके एक उद्देश,

का करि लिखल जाइ अनेक थारु भाषा औरो भेष,

सदियो से अनेक थारु हमार थारु इतिहास मे लेख,

नाही बुझ्लु ? नाइ बुझाइम ककरो हम इ सन्देश,

थारु इतिहास! के बचाइम हमार थारु के यि सन्देश ,

का करि हम परल पुर्वी थारु युवा एक साहित्यकार,

वीर रेशम चौधरी थारु परल राज्य राजनेतासे लाचार,

रेशम चौधरी थारु के एक इतिहास मे अमर नाम,

कैसन देखति थारु नेताकार्यकर्ता एक थारुके बदनाम,

हाइ रे हाइ थारु लाज सरम के हुइल थारु जात,

एक वीर पुरुष रेशम चौधरी के राज्य लगाइल नाथ,

थारु जात काकरि हो, हो हो मे रहल बस सिपालु,

अगुवा नेताके बोली बिकल बाहुनवादके बिशालु,

कैसिन बा हमार थारु सोझा साझा थारु जात,

थारु भुमीपुत्र के लगाईल घोडा जैसन नाथ,

थारु नेताकार्यकर्ता अगुवा होइके काहे बनौलु अनाथ ,

एकदिन लागत अगुवा नेताकार्यकर्ता के श्राप,

जाग थारु जाग युवा समय हमार बनल बलवान्,

थारु थारु मे एकता करुं हमार थारु एक के सान,

एकता के लेल बिरता देखाउ आम थारु पहिचान,

थारु एकता होइके इतिहास लिखुं हमार थारुके नाम,

रेशम चौधरी थारु अपन पार्टी नेताकार्यकर्तासे हुइल पीडित,

शाही शुरेश चौधरी विवेकशील थारु युवा समुहसे हुइल शोषित,

लेखक : थारु युवा साहित्यकार सुरेश चौधरी मोरङतथा विवेकशील थारु युवा समूहका जन्मदाता हुन् ।

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