एच एम परिश्रमी कैलाली
अस्टे बा जिन्डगिक पैडरिया नम्मा डगरा
पौलि मन काँटा टे कबु टोप्रम ठेस टगरा !
ईच्छा रहरके मेर मेरिक पोकरिक मोटा,
मन रुइठ डेख्के भाग्य किस्मट्के सगरा !
मनैफे मेर मेरिक खै का कना हो किहिन,
हाँस्ठै झन जरट डेख्के किस्मटके भगरा !
डुख्के डाहल, गरिबिक डाबल ई जिन्डगी,
खिसै लागठ आगस डेखल हस ई झगरा !
अपन मनहे फे बुझैही परठ का कर्ना हो,
इहे हो भाग्य, किस्मट, जिन्डगिके रगरा !