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हसुलिया २ जेठ २०८०
कैलाली जिल्लाके किसानहुक्रे ई समयमे बेगारी कर्नामे जुट्ल बटै।बर्खक सिजन लग्गे अईटी रहलक ओरसे कैलारी गाउँ पालिका के बैजपुर के किसानहुक्रे बेगारी कुलाही करे जुटल बटैं।

बर्खक सिजनमे खेट्वा मे पानी मजासे लागे ओ खल्वक पानी सरासर निक्रे,कुलवा,लदिया खेट्वा जमिन कटानी,पटानी ना करे कहटी बेगारी (कुलाहीं)कर्ठै गाउँभरिक खेटीकिसानी करुईयन ।कुल्वा,झरन झरना,सरक मर्मट,नाहा,चरुवा (ड्याम) बन्धना । बरे-बरे लडियम बाढ आईल बेला झालपाटा से बन्धवा बाँन्धके बाही खर्का के कुल्वामे पानी लैजाके खेट्वा सिंचना काम पुरखौ से करटी आईल हुईटै ।
कैलारी गापा. बैजपुर के तुल्सीराम डगौरा(६०) बेगारी करटी कहलै: ई टे गउह्वारा कुलाही कुछ नै हो डेसाहुर कुलाही टे बरे कर्रा हो । टेढी बन्धुवा पक्कि बन्ना से आगे टेढीक बन्धुवक
पानी जेकर-जेकर खेटवम पानी लागे उ गाउक घरौरे सिढासम्हर,डेरा डम्मर बाँधके महिनौ दिन सब झालापाटा से बर्खक पानी हे छेक्के मुर कुल्वम पानी लगाके सक्कु गाउक कुल्वम बराबर बखरा पानी बाटैई तब जाके अपन अपन कुल्वक पानी गाउक किसान अपन खेट्वम सिचाई करीट । अब पक्की बन्धुवा बनल पाछे उ ठाँउमे बेगारी करना कुछ हुईल हो।
तुल्सी फेर आगे कहलै: टेढी बन्धुवा जस्टे हमार एहोरीक किसानहुक्रे गुरगी बन्धुवा बाँधे जाई कटैनी लडियम पहिलेक जमानामे पक्कि रहे उ सब बहार भस्कादेहल तबसे सालो ईहेर के किसान स्थानिय बनवक झालापाटा काट्के चेपा से(माटी)बर्खाही बन्धुवा बाँधिट ।जौन किसान धेर खेटी लगाए टे उ किसान सिढबन्धु डेराडम्मर लेले ओहै राटदिन महिनौ साम बन्धुवाम बेगारी करैं।एक्केली मनैनके टे डेसाहुर व गउह्वारा बेगारी संग्गे परजाए टे कैईयो दिन हर ठर्रयाई परे। समय सग्गे सबमनै अपन अपन खेट्वाम सिचाई बोंरिग गारलै ,डेसाहुर बेगारी कुलाही कर्ना छोरलै। बहुट बर्षके वाद अब फेरसे सरकार गुरगी बन्धुवा बनैना प्रकिया सुरु करले बा ।अब हमार यहर फेन खेटी सिचाई मजा से हुई डिजेल मे लग्ना पैसा टे बची कना आस बा ।

कैलारी गाउपालिका के बहुट वडाके गाउँबस्टी बाढ डुवान,लडियासे खेटीयोग्य जमिन कटानी,पटानी,बर्खक पानी जमा हुके लगाईल बाली नोक्सान हुइना ठाउँ हो । हमार गाउँ फेन ई समस्या से पिडिट बा । टबहिक ओरसे अब्बे के समय फुर्सत के समय बा। ई बर्खक सिजन अईटी रहल बेला बेगारी कुलाही करटी ।कटैनी लडियक बहार (बाढ)उपटके खेटी करल धानबाली भाँटडेहठ,खेटी योग्य जमिन बलरेट करदेहठ ।कटैनी लडियक बाढ हे कुछ हदसम छेकवार करेक लग गाउभरिक किसान मिलके सरक ,चरवा(ड्याम)बनाटी । बाढके कारण बालरेट बा तबेक मारे हमार ५ नं.वडासे २००० खाली कट्टा (बोरी)माँग करके कट्टामे माटी भरके ड्याम बनाटी कहलै ।

थारु समाज पुर्खौसे बेगारी कुलाही कर्ना चलन चल्टी आइल बा । थारु समाज सगोल(समुह)मे बान्धल जाटी हुईटै । समाजिक कौनो फेन कामकाज सगोल मे मिलके कर्ठै। थारु समाज अकसर करके खेटीकिसानी कर्ना व खेटीसे जीवन गुजारा करटी आईल हुईट।

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